₹8,000 करोड़ फसल बीमा सब्सिडी मंजूर: 5 करोड़ किसानों को राहत
केंद्र सरकार ने ₹8,000 करोड़ की अतिरिक्त फसल बीमा प्रीमियम सब्सिडी को मंजूरी दी है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की 20 फरवरी 2026 की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह निर्णय कैबिनेट स्वीकृति के बाद घोषित किया गया। इससे लगभग 5 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा और यह व्यवस्था खरीफ सीजन 2026 से लागू होगी।
कोर घोषणा: क्या बदला और कब से लागू होगा
- ₹8,000 करोड़ की अतिरिक्त सब्सिडी स्वीकृत
- लगभग 5 करोड़ किसान लाभार्थी
- खरीफ 2026 से लागू
- प्राकृतिक आपदा, सूखा, बाढ़ और कीट प्रकोप पर कवरेज
सरकार का कहना है कि यह कदम कृषि जोखिम प्रबंधन को मजबूत करने और किसानों का वित्तीय बोझ कम करने के लिए उठाया गया है।
किसान पर संभावित वित्तीय प्रभाव
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी किसान की फसल का बीमित मूल्य ₹1,00,000 है और प्रीमियम दर 2% है, तो वार्षिक प्रीमियम ₹2,000 बनता है। यदि अतिरिक्त सब्सिडी के कारण प्रभावी भुगतान 1.5% तक घट जाए (केवल उदाहरण के लिए), तो किसान को ₹1,500 का भुगतान करना पड़ सकता है।
- पहले भुगतान: ₹2,000
- संभावित नया भुगतान: ₹1,500
- संभावित वार्षिक बचत: ₹500
| स्थिति | पहले | अब |
|---|---|---|
| कुल सरकारी सब्सिडी | पूर्व बजट प्रावधान | ₹8,000 करोड़ अतिरिक्त |
| प्रीमियम दर | 2% (खरीफ) | दर समान, प्रभावी भुगतान कम हो सकता है |
| लाभार्थी किसान | 4.5 करोड़ (लगभग) | 5 करोड़ (लगभग) |
यह निर्णय किसानों की आय सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन ढांचे को मजबूत करेगा।
पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की शुरुआत 2016 में की गई थी। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।
यह सब्सिडी कब से लागू होगी?
खरीफ सीजन 2026 से।
कितने किसानों को लाभ मिलेगा?
लगभग 5 करोड़ किसानों को।
क्या प्रीमियम दर बदली है?
आधिकारिक दर समान है, लेकिन अतिरिक्त सब्सिडी के कारण प्रभावी भुगतान कम हो सकता है।
किसान प्रीमियम कैसे कैलकुलेट करें?
बीमित मूल्य × लागू प्रीमियम दर (उदाहरण: ₹1,00,000 × 2% = ₹2,000)।
