बिजली बिल में 5% की बढ़ोतरी? ड्राफ्ट NEP 2026 में स्वचालित टैरिफ वृद्धि का प्रस्ताव, जानें आप पर असर
विद्युत मंत्रालय का ड्राफ्ट NEP 2026: SERC की देरी पर अब स्वचालित रूप से बढ़ेगा बिजली बिल। जानें FY 2026-27 से होने वाले बदलाव और घरेलू उपभोक्ताओं पर असर।

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ड्राफ्ट राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026: स्वचालित टैरिफ वृद्धि प्रस्ताव से घरेलू उपभोक्ताओं का बिल बढ़ सकता है (FY 2026-27 से)
विद्युत मंत्रालय ने 20 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट राष्ट्रीय विद्युत नीति (NEP) 2026 जारी की। यह 2005 की पुरानी नीति को बदलने का प्रस्ताव है। इसमें राज्य नियामकों द्वारा समय पर टैरिफ संशोधन न होने पर सूचकांक-आधारित स्वचालित वार्षिक टैरिफ वृद्धि का प्रावधान शामिल है। यह ड्राफ्ट सार्वजनिक परामर्श के चरण में है और अंतिम रूप गजट में प्रकाशित होगा। घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता प्रभावित होंगे, क्योंकि डिस्कॉम की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रभावी तिथि FY 2026-27 से संभावित है।
मुख्य घोषणा विवरण
- राज्य नियामकों द्वारा समय पर टैरिफ संशोधन न होने पर स्वचालित वृद्धि
- WPI या CPI जैसे सूचकांकों से जुड़ा प्रावधान
- प्रभावी तिथि FY 2026-27 से संभावित
- डिस्कॉम स्वास्थ्य सुधार और क्रॉस-सब्सिडी 50% तक सीमित
- न्यूक्लियर ऊर्जा (SMRs सहित) और नवीकरणीय एकीकरण पर जोर
- प्रति व्यक्ति 2,000 kWh खपत (2030 तक) का लक्ष्य
ड्राफ्ट NEP 2026 डिस्कॉम वित्तीय स्थिरता और प्रति व्यक्ति 2,000 kWh खपत (2030 तक) पर केंद्रित है।
व्यक्तिगत प्रभाव: कितना बढ़ेगा आपका बोझ?
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई घर मासिक 200 यूनिट बिजली का उपयोग करता है और वर्तमान दर ₹6/यूनिट है, तो 5% स्वचालित वृद्धि से मासिक बिल ₹60 बढ़ सकता है। वार्षिक प्रभाव ₹720 तक होगा। औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए क्रॉस-सब्सिडी छूट (मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे के लिए) से लागत कम हो सकती है, लेकिन सामान्य घरेलू बिल प्रभावित होंगे।
- पुराना बिल: ₹1,200 (200 यूनिट × ₹6)
- प्रस्तावित वृद्धि पर नया बिल: ₹1,260
- मासिक अतिरिक्त खर्च: ₹60
पुराना बनाम प्रस्तावित प्रावधान तुलना
| पैरामीटर | पुराना (2005 NEP) | प्रस्तावित (ड्राफ्ट NEP 2026) | संभावित प्रभाव |
|---|---|---|---|
| टैरिफ संशोधन | केवल SERC आदेश पर | SERC देरी पर स्वचालित इंडेक्स-लिंक्ड | बिल में नियमित वृद्धि संभव |
| क्रॉस-सब्सिडी | कोई सीमा नहीं | 50% औसत लागत तक सीमित | घरेलू टैरिफ बढ़ सकता है |
| लागू तिथि | विभिन्न राज्य आदेश | FY 2026-27 से प्रस्तावित | एकसमानता बढ़ेगी |
| उदाहरण (200 यूनिट) | ₹1,200 मासिक | 5% वृद्धि पर ₹1,260 मासिक | ₹60/माह अतिरिक्त खर्च |
पृष्ठभूमि व संदर्भ
2005 NEP दो दशक पुरानी है। ड्राफ्ट 2026 भारत की 45% उत्सर्जन तीव्रता कमी (2030 तक) और नेट-जीरो (2070) लक्ष्यों से जुड़ी है। डिस्कॉम नुकसान कम करने के लिए टैरिफ सुधार आवश्यक बताया गया। न्यूक्लियर क्षमता 100 GWe (2047 तक) का लक्ष्य है। पहले MYT फ्रेमवर्क मौजूद था, लेकिन स्वचालित प्रावधान नया है।
यह नीति कब लागू होगी?
ड्राफ्ट चरण में; गजट प्रकाशन के बाद, संभावित FY 2026-27 से।
कौन प्रभावित होगा?
घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ता; डिस्कॉम वित्त प्रभावित।
पहले टैरिफ कैसे तय होते थे?
केवल SERC के वार्षिक/मल्टी-ईयर आदेशों से।
कितना बिल बढ़ सकता है?
उपयोग पर निर्भर; 5% वृद्धि पर 200 यूनिट के लिए ₹60/माह अतिरिक्त (उदाहरण)।
कैसे जांचें आधिकारिक ड्राफ्ट?
powermin.gov.in पर PDF उपलब्ध है।