नमो शेतकरी सम्मान निधि योजना (जिसे नमो शेतकरी महासम्मान निधि योजना भी कहा जाता है) महाराष्ट्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। यह योजना केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि के पूरक के रूप में कार्य करती है, जिससे किसानों की सालाना आय दोगुनी हो जाती है।
योजना का उद्देश्य
यह योजना किसानों की अनिश्चित आय को स्थिर करने के लिए शुरू की गई है, खासकर कृषि उत्पादन पर मौसम और अन्य कारकों के प्रभाव को कम करने हेतु। महाराष्ट्र सरकार ने 2023-24 के बजट में इसके लिए 6,900 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। योजना के तहत हर पात्र किसान को सालाना 6,000 रुपये अतिरिक्त मिलते हैं, जो पीएम किसान के 6,000 रुपये के साथ मिलाकर कुल 12,000 रुपये हो जाते हैं।
मुख्य लाभ
हर 3 महीने में 2,000 रुपये की किस्त डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर होते हैं।
पहली किस्त पीएम किसान की 14वीं किस्त के बाद जारी की गई थी, और अब तक कई किस्तें वितरित हो चुकी हैं।
यह राशि बीज, उर्वरक और अन्य कृषि खर्चों में मदद करती है, जिससे किसान परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
पात्रता मानदंड
किसान महाराष्ट्र का निवासी हो और उसके नाम पर 1 फरवरी 2019 तक खेती योग्य जमीन हो।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभार्थी होना अनिवार्य है (पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों वाला परिवार)।
बैंक खाता आधार से लिंक्ड हो, और आयकर दाता, पेंशनभोगी या बड़े भूस्वामी अपात्र हैं।
आवेदन प्रक्रिया
पीएम किसान पोर्टल (pmkisan.gov.in) पर रजिस्ट्रेशन करें और पात्रता जांचें।
तहसील नोडल अधिकारी (TNO) और जिला नोडल अधिकारी (DNO) स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद लाभ शुरू होता है।
लाभार्थी स्थिति जांचने के लिए mahaitgov.in या namoshetkariyojana.in जैसी आधिकारिक वेबसाइट्स का उपयोग करें।
वर्तमान स्थिति
मार्च 2026 तक योजना से लगभग 1.15 करोड़ किसान परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। किसान अपनी किस्त की स्थिति नियमित जांचें और खाता अपडेट रखें। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
