PM-KUSUM योजना: किसानों को सोलर से ₹20 लाख कमाई का मौका — जानिए कैसे और अभी क्या करें
By राज कुमार • 14 min read
दिल्ली में लाडली योजना के 1.86 लाख अनक्लेम्ड खातों में से ₹190 करोड़ जारी। 30,000 बेटियों को ₹90 करोड़ मिल चुके हैं, 41,000 को ₹100 करोड़ शीघ्र। स्टेटस edistrict.delhigovt.nic.in पर चेक करें।

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10 फरवरी 2026, नई दिल्ली | दिल्ली में वर्षों से बैंक खातों में पड़ी बेटियों की जमापूंजी अब आखिरकार उन तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि लाडली योजना के अनक्लेम्ड खातों से ₹190 करोड़ की राशि जारी की जा रही है — जिसमें से ₹90 करोड़ पहले ही 30,000 लड़कियों के खातों में भेजे जा चुके हैं।
अगर आपके घर में बेटी है और 2008 से 2024 के बीच लाडली योजना में नाम दर्ज हुआ था, तो यह खबर आपके लिए है। अभी edistrict.delhigovt.nic.in पर जाकर अपना स्टेटस चेक करें। बकाया पैसा सीधे आधार-लिंक्ड खाते में आएगा।
2008 में दिल्ली सरकार ने लाडली योजना शुरू की थी। इसका लक्ष्य था — आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों की बेटियों को शिक्षा के अलग-अलग पड़ावों पर वित्तीय मदद देना। योजना के तहत कुल ₹36,000 की राशि किश्तों में बैंक खाते में जमा होती थी।
लेकिन जब नई सरकार ने कार्यभार संभाला, तो पता चला कि 1.86 लाख से ज़्यादा परिपक्व खाते अनक्लेम्ड पड़े थे — यानी बेटियों का पैसा उन तक पहुंचा ही नहीं था। यह सिस्टम की बड़ी खामी थी। सरकार ने इसे सुधारने के लिए विशेष पहचान अभियान चलाया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 10 फरवरी 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा — "2025 में 30,000 ऐसी लाभार्थियों की पहचान की गई और ₹90 करोड़ की वह राशि, जो अब तक अनक्लेम्ड पड़ी थी, उन्हें वितरित की जा चुकी है। अब 41,000 और लाभार्थियों की पहचान हो चुकी है और ₹100 करोड़ शीघ्र ही जारी किए जाएंगे। कुल मिलाकर ₹190 करोड़ जो इन बेटियों का अधिकार था, वह उन्हें सुनिश्चित कर दिया जा रहा है।" [8]
यह बयान DD News और ANI जैसी आधिकारिक एजेंसियों ने प्रसारित किया।
| विवरण | आंकड़ा | स्रोत |
|---|---|---|
| कुल अनक्लेम्ड खाते | 1,86,000+ | The Tribune |
| पहले चरण में पहचानी गई लाभार्थी | 30,000 | Government Broadcaster |
| पहले चरण में जारी राशि | ₹90 करोड़ | Government Broadcaster |
| दूसरे चरण में पहचानी गई लाभार्थी | 41,000 | Daily Pioneer |
| दूसरे चरण में जारी होने वाली राशि | ₹100 करोड़ | Daily Pioneer |
| कुल जारी राशि | ₹190 करोड़ | The Tribune |
| पुरानी लाडली में कुल मिलने वाला पैसा | ₹36,000 (किश्तों में) | India TV News |
यह सवाल ज़रूरी है। योजना 2008 से चल रही थी, फिर भी इतनी बड़ी संख्या में पैसा नहीं पहुंचा — इसकी कुछ प्रमुख वजहें सामने आई हैं।
पहली वजह — जागरूकता की कमी। कई परिवारों को पता ही नहीं था कि खाता परिपक्व हो गया है और राशि निकाली जा सकती है। दूसरी — पता बदल जाना या दस्तावेज़ अधूरे होना, जिससे बैंक ट्रांसफर रुका रहा। तीसरी वजह — पुरानी प्रणाली का ऑफलाइन और जटिल होना, जिसमें परिवारों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे।
मुख्यमंत्री ने खुद माना कि योजना को ठीक से लागू नहीं किया गया था। यह पारदर्शी स्वीकृति कम से कम भविष्य के लिए भरोसा देती है।
दिल्ली सरकार ने 31 मार्च 2026 को लाडली योजना बंद कर उसकी जगह दिल्ली लखपति बिटिया योजना लागू करने का फैसला किया है। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी।
पुरानी लाडली के सभी अनुपयोगी फंड नई योजना में ट्रांसफर होंगे।
नई योजना में पात्रता की शर्तें थोड़ी बदली हैं:
पंजीकरण जन्म के एक वर्ष के भीतर या कक्षा I, VI, IX, XI में प्रवेश के समय अथवा स्नातक/डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश पर कराया जा सकता है।
ज़रूरी दस्तावेज़: जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, दिल्ली निवास प्रमाण, आय प्रमाण, स्कूल/कॉलेज प्रवेश रसीद, बैंक पासबुक।
₹190 करोड़ की राशि जारी करना ज़रूरी कदम है, लेकिन इसे पूरा होते देखना और भी ज़रूरी है। दूसरे चरण की ₹100 करोड़ की राशि के लिए 41,000 लाभार्थियों तक पहुंचना अभी बाकी है। यह राशि "शीघ्र" जारी होने की बात कही गई है — लेकिन इसकी पक्की तारीख आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है (आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है)।
इसके अलावा जो 1.86 लाख में से बची हुई लाभार्थियां हैं — उनके बारे में अभी तक कोई स्पष्ट रोडमैप सार्वजनिक नहीं हुआ है। यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब सरकार को जल्द देना होगा।
नई लखपति बिटिया योजना का डिजिटल पोर्टल 1 अप्रैल 2026 के बाद सक्रिय होगा — तब तक परिवारों को इंतज़ार करना होगा।
वर्षों तक बैंक में जमा रहा पैसा अब उन हाथों तक पहुंच रहा है जिनके लिए रखा गया था। लाडली योजना के अनक्लेम्ड खातों से ₹190 करोड़ का जारी होना एक सिस्टम की विफलता का सुधार है — लेकिन यह सुधार ज़रूरी था और सराहनीय है।
असली परीक्षा तब होगी जब दूसरे चरण का ₹100 करोड़ भी 41,000 बेटियों तक समय पर पहुंचे। और नई लखपति बिटिया योजना सच में पुरानी खामियों को दूर कर सके।
अगर आपके परिवार में ऐसी कोई बेटी है जिसे अभी तक लाडली का पैसा नहीं मिला — तो आज ही स्टेटस जांचें और ज़रूरत हो तो दावा करें। यह उनका अधिकार है।